ई-पुस्तक · मुफ़्त
दोहे जो मन मोहे
Dohe Jo Man Mohe · Couplets that charm the heart
कबीर · रहीम · तुलसीदास और अन्य कवियों के दोहे
— आयुष
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय ।
जो सुख में सुमिरन करे, दुख काहे को होय ॥— कबीर
इस पुस्तक के कवि
7 महान कवि, 114 सजे हुए पृष्ठ। किसी भी कवि पर क्लिक करें और सीधे उनके दोहों से पढ़ना शुरू करें।
भूमिका से
बचपन से ही मैंने अपने पिताजी को दोहे सुनाते सुना है। उनके मुँह से सुने वे दोहे आज भी मेरे मन में बसे हैं।
अगर इसके किसी पन्ने पर आपको अपने किसी बड़े की सुनाई हुई कोई पंक्ति याद आ जाए, तो मेरी मेहनत सफल है।
— आयुष







